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शंख

  • Mar 3, 2020
  • 1 min read

अष्टरत्न हे समुद्रमंथनी

महानाद करि शंखध्वनी


नाद प्रतिक पावनध्वनी

दीर्घनाद करी विजयी ध्वनी


सुख शांति समृद्धी शक्ती

शंख देतसे यश नि कीर्ति


शंखमुद्रा वाणीस योगी

शंखपुष्पी गुणी आयुर्वेदी


मला भासते विश्वव्यापी

अष्टविनायक गणेश शंखी..


विनिता धुपकर


 
 
 

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